வழிகாட்டிகள்
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यमगण्डम, कुलिकई और राहु काल, तीन अशुभ समय-खिड़कियाँ
तमिल परंपरा में हर दिन तीन अशुभ समय-खिड़कियाँ होती हैं, न कि केवल एक। राहु काल, यमगण्डम और कुलिकई का अंतर जानें, ये कब पड़ते हैं, कैसे गणना होती है, और बाकी दिन क्यों शुभ रहता है।
7 நிமிட வாசிப்புगौरी पंचांग: दिन के 8 खंड चरण-दर-चरण समझाए गए
गौरी पंचांग दिन के प्रकाश को 8 खंडों में विभाजित करता है। चार शुभ हैं, चार अशुभ। तालिका पढ़ना सीखें, अपने सप्ताह के दिन के शुभ समय खोजें और जानें कि ऋतु के अनुसार अवधि क्यों बदलती है।
8 நிமிட வாசிப்புराहु काल वास्तव में किस पर लागू होता है, और किस पर नहीं?
राहु काल हर चीज़ को वर्जित नहीं करता। यह नई शुरुआतों पर लागू होता है, रोज़मर्रा की दिनचर्या पर नहीं। जानिए परंपरा वास्तव में क्या कहती है, उदाहरणों के साथ कि क्या टालना चाहिए और क्या निर्भय होकर किया जा सकता है।
7 நிமிட வாசிப்புजब नल्ला नेरम और राहु काल ओवरलैप हों, क्या करें?
कुछ वार ऐसे होते हैं जब एक शुभ गौरी खंड (नल्ला नेरम) ठीक राहु काल के बीच में पड़ता है। क्या मान्य होगा? जानें किन दिनों में ओवरलैप होता है, यह क्यों होता है और परंपरा क्या सुझाती है।
7 நிமிட வாசிப்புजब आज कोई शुभ समय नहीं है, तो क्या करें?
जब आपका कार्यक्रम किसी भी नल्ला नेरम खिड़की से मेल नहीं खाता तो क्या करें? तमिल परंपरा के चार सिद्ध उपाय जानें: प्रतीकात्मक शुरुआत, अभिजित मुहूर्तम, दिन बदलना, या सबसे कम प्रभावित समय चुनना।
6 நிமிட வாசிப்புयोग और करण, पंचांग के दो सबसे उपेक्षित अंग
पंचांग का अर्थ है पाँच अंग, लेकिन अधिकांश लोग केवल तिथि और नक्षत्र देखते हैं। जानिए योग (27 प्रकार) और करण (11 प्रकार) क्या हैं, इनकी गणना कैसे होती है, और कौन-से शुभ या अशुभ माने जाते हैं।
8 நிமிட வாசிப்புचंद्राष्टमम्, वे दिन जब चंद्रमा आपके विरुद्ध होता है
चंद्राष्टमम् प्रत्येक माह के वे 2–3 दिन हैं जब चंद्रमा आपकी 8वीं राशि से गुजरता है। जानिए यह क्या है, इसे आपकी जन्म नक्षत्र से कैसे गणना की जाती है, क्या परहेज करें और यह अगली बार कब आपको प्रभावित करेगा।
7 நிமிட வாசிப்புताराबलम, 9 तारे और आपके लिए उनका अर्थ
ताराबलम आपके जन्म नक्षत्र के आधार पर बताता है कि कोई दिन आपके लिए शुभ है या नहीं। 9 तारों, उनकी गणना और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की योजना के लिए उनके अर्थ के बारे में जानें।
7 நிமிட வாசிப்புराहु काल दिन-दर-दिन, सातों वार का विस्तृत विवरण
हर वार राहु काल कब पड़ता है, जानिए। सोमवार से रविवार तक भाग संख्या, उदाहरण समय और व्यावहारिक सुझाव। तमिल अष्टमांश नियम पर आधारित।
8 நிமிட வாசிப்புनल्ल नेरम क्या है? शुभ समय की खिड़कियाँ समझाई गईं
नल्ल नेरम तमिल गौरी पंचांग के अनुसार दिन की चार शुभ समय-खिड़कियाँ हैं। जानें यह क्या है, इसकी गणना कैसे होती है और यह राहु काल से कैसे संबंधित है।
8 நிமிட வாசிப்புथिरुकणितम और वाक्य, दो पंचांग परंपराएँ
तमिल पंचांग दो परंपराओं में आता है: वाक्य पुराने श्लोक-तालिकाओं का उपयोग करता है, थिरुकणितम आधुनिक खगोल विज्ञान से गणना करता है। अंतर जानें, यह क्यों महत्वपूर्ण है, और यह कैलेंडर कौन-सी विधि उपयोग करता है।
10 நிமிட வாசிப்புतिथि क्या है, हिंदू कैलेंडर को नियंत्रित करने वाला चंद्र दिवस
तिथि पंचांग का सबसे महत्वपूर्ण अंग है: चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोण से निर्धारित चंद्र दिवस। प्रति माह 30 तिथियाँ, दो पक्ष, और सूर्योदय के समय की तिथि दिन का नाम निर्धारित करती है। सभी 30 नाम, गणना विधि और सबसे महत्वपूर्ण तिथियाँ जानें।
10 நிமிட வாசிப்பு27 नक्षत्र, आपका जन्म नक्षत्र और चंद्र मंज़िलें
नक्षत्र पंचांग का दूसरा अंग है: सायन राशिचक्र के साथ 27 चंद्र मंज़िलों में चंद्रमा की स्थिति। प्रत्येक नक्षत्र 13°20′ में फैला है और इसके चार चरण (पाद) हैं। आपका जन्म नक्षत्र आपकी राशि, ताराबलम, चंद्राष्टम और विवाह संगतता निर्धारित करता है।
11 நிமிட வாசிப்புतमिल कैलेंडर, 12 सौर महीने, 60 बृहस्पति वर्ष
तमिल कैलेंडर एक नक्षत्रीय सौर कैलेंडर है: इसके 12 महीने राशि चक्र में सूर्य के पथ का अनुसरण करते हैं, और प्रत्येक वर्ष 60 नामों के बृहस्पति चक्र (संवत्सर) से संबंधित है। सभी 12 महीने, वे कब शुरू होते हैं, उनकी अवधि क्यों बदलती है और वर्ष का नाम कैसे निर्धारित होता है, यह सब जानें।
10 நிமிட வாசிப்பு60 वर्षीय तमिल चक्र, प्रभव से अक्षय तक
हर तमिल वर्ष का एक नाम होता है, केवल एक संख्या नहीं। 60 वर्षीय बृहस्पति चक्र हर वर्ष को 60 संस्कृत नामों में से एक देता है, प्रभव से अक्षय तक, और फिर दोबारा शुरू होता है। जानिए यह चक्र 60 वर्ष का क्यों है, सभी 60 नाम देखिए, और पता लगाइए कि इस समय कौन सा वर्ष चल रहा है।
10 நிமிட வாசிப்புएकादशी क्या है, महीने में दो बार आने वाला व्रत
एकादशी प्रत्येक पक्ष की 11वीं तिथि है, हिंदू कैलेंडर का सबसे व्यापक रूप से मनाया जाने वाला उपवास दिन। जानें कब पड़ती है, महीने में दो क्यों होती हैं, प्रमुख एकादशियों के नाम, और आपके शहर के अनुसार सटीक समय।
10 நிமிட வாசிப்புअमावस्या और पूर्णिमा, तमिल पंचांग में अमावास्या और पूर्णमासी
अमावस्या (नया चाँद) और पूर्णिमा (पूर्ण चंद्रमा) चंद्र मास के दो ध्रुव हैं। तर्पण, पितृ अनुष्ठान, मंदिर दर्शन और इन दो दिनों की खगोलीय गणना के बारे में जानें।
10 நிமிட வாசிப்புप्रदोषम क्या है, शिव की संध्याकालीन पूजा
प्रदोषम (Pradosham) प्रत्येक पक्ष का 13वाँ तिथि है, सूर्यास्त के समय शिव पूजा का एक विशेष संध्या-काल। सात प्रकार के प्रदोषम, महा प्रदोषम, शनि प्रदोषम और समय की गणना के बारे में जानें।
9 நிமிட வாசிப்புषष्ठी क्या है, मुरुगन का पवित्र छठा दिन
षष्ठी प्रत्येक पक्ष की छठी तिथि है, भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) को समर्पित। मासिक व्रत, स्कंद षष्ठी उत्सव, सुब्रमण्य षष्ठी और तिथि की गणना कैसे होती है, यहाँ जानें।
9 நிமிட வாசிப்புसंकटहर चतुर्थी क्या है, गणेश जी का मासिक विघ्नहर्ता दिवस
संकटहर चतुर्थी कृष्ण पक्ष (ढलते चंद्रमा) की चौथी तिथि है, गणेश जी को समर्पित मासिक व्रत का दिन। जानें यह महीने में केवल एक बार क्यों आती है, चंद्रोदय के बाद व्रत कैसे तोड़ा जाता है, और यह वार्षिक विनायक चतुर्थी उत्सव से किस प्रकार भिन्न है।
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