விநாயகர் சதுர்த்தி
भगवान विनायगर (गणेश) का जन्मदिन, विघ्नहर्ता; मिट्टी की मूर्तियों की पूजा कर उन्हें जल में विसर्जित किया जाता है।
विनायगर चतुर्थी बाधाओं को दूर करने वाले और शुभारंभ के देवता, हाथी के सिर वाले भगवान विनायगर (गणेश) के जन्म का उत्सव है। यह आवणि महीने (अगस्त–सितंबर) में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को पड़ती है।
मिट्टी से बनी गणेश की मूर्तियों की घरों और सार्वजनिक पंडालों में पूजा की जाती है, उन्हें उनकी प्रिय मिठाई मोदक अर्पित की जाती है, और कुछ दिनों की पूजा के बाद उन्हें जुलूस में ले जाकर जल में विसर्जित किया जाता है — सृष्टि और वापसी के चक्र की याद दिलाता एक प्रतीक।
आगामी त्योहार
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विनायगर चतुर्थी क्या है?
यह भगवान विनायगर का जन्मदिन है, जिन्हें गणेश भी कहते हैं। उनका सिर हाथी का है और वे बाधाओं को दूर करते हैं। वे नई शुरुआत के देवता हैं।
विनायगर चतुर्थी कब है?
यह तमिल महीने आवणि में, अगस्त या सितंबर में पड़ती है। यह शुक्ल पक्ष के चौथे दिन होती है।
इसे क्यों मनाया जाता है?
लोग कोई भी नया काम शुरू करने से पहले गणेश की पूजा करते हैं। वे उनसे राह आसान करने की प्रार्थना करते हैं। यह दिन उनके जन्म का सम्मान करता है।
इसे कैसे मनाया जाता है?
लोग मिट्टी से गणेश की मूर्तियाँ बनाकर उनकी पूजा करते हैं। वे उनकी प्रिय मिठाई मोदक अर्पित करते हैं। बाद में मूर्तियों को ले जाकर जल में विसर्जित किया जाता है।