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गौरी पंचांग

8 गौरी खंड दिन के उजाले को शुभ और अशुभ समय में विभाजित करते हैं।

गौरी पंचांग सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को आठ बराबर खंडों में विभाजित करता है, प्रत्येक खंड पर एक ग्रह का शासन होता है। पाँच शुभ हैं (अमृतम, उत्ति, लाभम, धनम, सुखम) और तीन अशुभ हैं (रोगम, सोरम, विषम)। प्रत्येक वार उस दिन के अपने स्वामी द्वारा शासित खंड से आरंभ होता है।

गौरी पंचांग: दिन के 8 खंड चरण-दर-चरण समझाए गए

ये समय शहर के लिए सूर्य की स्थिति से गणना किए गए हैं। समय की गणना कैसे होती है →

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौरी पंचांग क्या है?

यह दिन के समय को 8 बराबर खंडों में विभाजित करता है, पाँच शुभ और तीन अशुभ। प्रत्येक वार अपने स्वामी के खंड से आरंभ होता है। अमृतम और लाभम जैसे शुभ खंडों में महत्वपूर्ण कार्य नियोजित किए जाते हैं।

गौरी पंचांग की गणना कैसे होती है?

कुल दिन का प्रकाश (सूर्योदय से सूर्यास्त) 8 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक भाग को एक निश्चित चक्रीय क्रम में एक गौरी नाम दिया जाता है जो वार के अनुसार भिन्न खंड से शुरू होता है।