தைப்பொங்கல்
तमिलों का फ़सल उत्सव जो सूर्य को धन्यवाद देता है; चावल को तब तक उबाला जाता है जब तक वह बर्तन से उफनकर बाहर न आ जाए — समृद्धि का प्रतीक।
तमिल पोंगल तमिलों का फ़सल उत्सव है। यह तमिल महीने तै के पहले दिन (लगभग 14–15 जनवरी) मनाया जाता है, जब सूर्य उत्तर की ओर अपनी यात्रा शुरू करता है (उत्तरायण)। अच्छी फ़सल के लिए सूर्य और वर्षा का आभार जताया जाता है।
उत्सव के केंद्र में है पोंगल पकवान: नई फ़सल के चावल को दूध और गुड़ के साथ मिट्टी के बर्तन में तब तक उबाला जाता है जब तक वह उफनकर बाहर न आ जाए। इस क्षण का स्वागत 'पोंगलो पोंगल!' के नारे से किया जाता है, जो आने वाले वर्ष की समृद्धि का प्रतीक है। यह पोंगल के चार दिनों में पहला है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तमिल पोंगल क्या है?
तमिल पोंगल तमिलों का फ़सल उत्सव है। लोग अच्छी फ़सल के लिए सूर्य का आभार जताते हैं। तमिलों के लिए यह साल के सबसे बड़े दिनों में से एक है।
तमिल पोंगल कब है?
यह तमिल महीने तै के पहले दिन, लगभग 14–15 जनवरी को पड़ता है। तारीख़ सूर्य पर आधारित है, इसलिए यह हर साल लगभग एक-सी रहती है।
पोंगल क्यों मनाया जाता है?
फ़सल कट चुकी होती है और सूर्य उत्तर की ओर मुड़ता है। लोग भोजन और अच्छे वर्ष के लिए धन्यवाद देते हैं। यह आनंद और समृद्धि का दिन है।
पोंगल कैसे मनाया जाता है?
परिवार मिट्टी के बर्तन में नए चावल को दूध और गुड़ के साथ उबालते हैं। जब यह उफनकर बाहर आता है, तो लोग 'पोंगलो पोंगल!' कहते हैं। वे नए वस्त्र पहनते हैं और मीठा पोंगल बाँटते हैं।