தீபாவளி
प्रकाश का पर्व, जो दीपों, नए वस्त्रों और मिठाइयों के साथ अंधकार पर प्रकाश की विजय का उत्सव मनाता है।
दीपावली रोशनी का त्योहार है, जो अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है। तमिल परंपरा में यह भगवान कृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर के वध का प्रतीक है और ऐप्पसि महीने (अक्टूबर–नवंबर) की नरक चतुर्दशी को पड़ता है।
परिवार भोर से पहले उठकर तेल-स्नान करते हैं, नए वस्त्र पहनते हैं, दीयों की कतारें जलाते हैं और मिठाइयाँ बाँटते हैं — एक ऐसा आनंद का दिन जो दुनिया भर में फैले तमिल समुदाय को एक साथ जोड़ता है।
आगामी त्योहार
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दीपावली क्या है?
दीपावली रोशनी का त्योहार है। यह अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है। इसे कई लोग दिवाली भी कहते हैं।
दीपावली कब है?
यह तमिल महीने ऐप्पसि में, अक्टूबर या नवंबर में पड़ती है। तारीख़ चंद्रमा पर आधारित है, इसलिए यह हर साल बदलती है।
दीपावली क्यों मनाई जाती है?
तमिल कथा में भगवान कृष्ण राक्षस नरकासुर का वध करते हैं। दीये आशा और अच्छाई के प्रतीक हैं। यह एक खुशी का दिन है जिसे सब मिलकर मनाते हैं।
दीपावली कैसे मनाई जाती है?
लोग सुबह जल्दी उठकर तेल-स्नान करते हैं और नए वस्त्र पहनते हैं। वे छोटे दीयों की कतारें जलाते हैं और मिठाइयाँ बाँटते हैं। दूर-पास के परिवार एक साथ आते हैं।