| दिन | तिथि | नक्षत्र | योग | करण | राशि | राहु काल | त्योहार |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सोम 13 अप्रैल | Amavasai● | Revathi | Vaidhriti | Chatushpada | Meena | 07:31–09:04 | अमावस्या |
| मंगल 14 अप्रैल | Prathamai | Ashwini | Vishkambha | Kimstughna | Mesha | 15:15–16:48 | |
| बुध 15 अप्रैल | Dvitiyai | Bharani | Priti | Balava | Mesha | 12:09–13:42 | |
| गुरु 16 अप्रैल | Tritiyai | Krittikai | Ayushman | Taitila | Rishabha | 13:42–15:15 | कार्तिगै |
| शुक्र 17 अप्रैल | Chaturthi | Rohini | Saubhagya | Vishti | Rishabha | 10:35–12:09 | |
| शनि 18 अप्रैल | Panchami | Mrigashirsham | Shobhana | Balava | Rishabha | 09:01–10:35 | |
| रवि 19 अप्रैल | Sashti | Thiruvadhirai | Atiganda | Taitila | Mithuna | 16:49–18:22 | षष्ठी |
सोम13 अप्रैल
●अमावस्या
तिथि: Amavasai
नक्षत्र: Revathi
योग: Vaidhriti
करण: Chatushpada
राशि: Meena
राहु काल: 07:31–09:04
मंगल14 अप्रैल
तिथि: Prathamai
नक्षत्र: Ashwini
योग: Vishkambha
करण: Kimstughna
राशि: Mesha
राहु काल: 15:15–16:48
बुध15 अप्रैल
तिथि: Dvitiyai
नक्षत्र: Bharani
योग: Priti
करण: Balava
राशि: Mesha
राहु काल: 12:09–13:42
गुरु16 अप्रैल
कार्तिगै
तिथि: Tritiyai
नक्षत्र: Krittikai
योग: Ayushman
करण: Taitila
राशि: Rishabha
राहु काल: 13:42–15:15
शुक्र17 अप्रैल
तिथि: Chaturthi
नक्षत्र: Rohini
योग: Saubhagya
करण: Vishti
राशि: Rishabha
राहु काल: 10:35–12:09
शनि18 अप्रैल
तिथि: Panchami
नक्षत्र: Mrigashirsham
योग: Shobhana
करण: Balava
राशि: Rishabha
राहु काल: 09:01–10:35
रवि19 अप्रैल
षष्ठी
तिथि: Sashti
नक्षत्र: Thiruvadhirai
योग: Atiganda
करण: Taitila
राशि: Mithuna
राहु काल: 16:49–18:22
चेन्नई समय के आधार पर गणना की गई।
व्यक्तिगत दैनिक पठन के लिए अपना जन्म नक्षत्र सेट करें
तारबलम, राशि फल और चंद्राष्टमम एक नज़र में देखें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
साप्ताहिक पंचांग क्या दिखाता है?
पंचांग के पाँचों अंग — तिथि, वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण — सातों दिनों के लिए, साथ ही चंद्रमा की राशि, राहु काल और कोई भी त्योहार।
यह किस शहर के लिए गणना किया गया है?
पंचांग चेन्नई के सूर्योदय पर आधारित है। सूर्य के समय (सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल) शहर के अनुसार बदलते हैं, लेकिन तिथि, नक्षत्र और अन्य अंग सभी जगह समान हैं।
