- राहु काल
- 14:51–16:21
- यमगंड
- 08:47–10:18
- कुलिगै
- 11:49–13:20
- शुभ समय
- 11:25–12:13
राहु कालम् हर दिन लगभग 90 मिनट की अवधि है, जिसे कोई महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने के लिए अशुभ माना जाता है। यह सूर्योदय और वार के अनुसार बदलती है, इसलिए हर शहर और तारीख में अलग होती है। कई लोग इस दौरान यात्रा, हस्ताक्षर या नए कार्य से बचते हैं।
ये समय शहर के लिए सूर्य की स्थिति से गणना किए गए हैं। समय की गणना कैसे होती है →
सूर्य समय · Durban 2026
| 2026 | सूर्योदय–सूर्यास्त | राहु काल |
|---|---|---|
| जनवरी | 05:10–19:01 | 13:49–15:33 |
| फ़रवरी | 05:37–18:44 | 17:05–18:44 |
| मार्च | 05:56–18:13 | 16:41–18:13 |
| अप्रैल | 06:15–17:37 | 11:56–13:21 |
| मई | 06:34–17:11 | 10:33–11:52 |
| जून | 06:50–17:04 | 08:06–09:23 |
| जुलाई | 06:50–17:14 | 12:02–13:20 |
| अगस्त | 06:29–17:32 | 09:15–10:38 |
| सितंबर | 05:54–17:48 | 14:50–16:19 |
| अक्टूबर | 05:18–18:06 | 13:18–14:54 |
| नवंबर | 04:52–18:29 | 16:47–18:29 |
| दिसंबर | 04:50–18:53 | 15:22–17:07 |
ये समय शहर के लिए सूर्य की स्थिति से गणना किए गए हैं। -29.86°, 30.98° · Africa/Johannesburg
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राहु काल क्या है?
हर दिन लगभग 1½ घंटे का एक समय जिसे टालना बेहतर होता है। इसमें नया या शुभ कार्य शुरू नहीं किया जाता।
इसकी गणना कैसे होती है?
दिन को 8 बराबर भागों में बाँटा जाता है, और उस वार का भाग राहु काल होता है, आपके शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला जाता है।
यमगंड और कुलिगै क्या हैं?
ये राहु काल जैसे दैनिक समय-भाग हैं, और दोनों से परंपरागत रूप से बचा जाता है। कुलिगै की एक विशेषता है: उसमें किया गया कार्य दोहराया जाता है, इसलिए कुछ लोग बार-बार होने वाली बातों के लिए इसे जानबूझकर चुनते हैं।
