विवाह मिलान (पोरुथम)
पारंपरिक दस पोरुथम जांचने के लिए वधू और वर के जन्म नक्षत्र चुनें। विवाह तय करने से पहले अपने परिवार के ज्योतिषी से पुष्टि करें।
दस पोरुथम
दिन पोरुथमस्वास्थ्य और दीर्घायु
गण पोरुथमस्वभाव
महेंद्र पोरुथमसंतान और वंश
स्त्री दीर्घ पोरुथमसमृद्धि
योनि पोरुथमशारीरिक सामंजस्य
राशि पोरुथमपरिवार की वृद्धि
राशि अधिपति पोरुथममानसिक बंधन, मित्रता
वश्य पोरुथमपारस्परिक आकर्षण
रज्जु पोरुथमविवाह की मजबूती — सबसे महत्वपूर्ण
वेध पोरुथमसामंजस्य और कल्याण
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पोरुथम (10 पोरुथम) क्या है?
एक पारंपरिक विधि जो विवाह मिलान परखने के लिए वधू और वर के जन्म नक्षत्रों (नक्षत्र) की तुलना करती है। दस मिलान जांचे जाते हैं: दिन, गण, महेंद्र, स्त्री दीर्घ, योनि, राशि, राशि अधिपति, वश्य, रज्जु और वेध।
कितने पोरुथम मिलने चाहिए?
दस में से छह या अधिक को आमतौर पर अच्छा मिलान माना जाता है। लेकिन यदि रज्जु या वेध पोरुथम अनुपस्थित हो, तो अन्य संख्याएँ अधिक होने पर भी मिलान पारंपरिक रूप से अस्वीकार कर दिया जाता है।
क्या विवाह तय करने के लिए पोरुथम पर्याप्त है?
नहीं। पूर्ण मिलान में चेव्वई (मंगल) दोष, नाग दोष और दशा संधि भी देखे जाते हैं, जिन्हें ज्योतिषी जांचता है। यह केवल प्रथम स्तर का मार्गदर्शन है।