प्रत्येक पक्ष की षष्ठी, भगवान मुरुगन के सम्मान में व्रत दिवस, महीने में दो बार।
षष्ठी प्रत्येक चंद्र पक्ष की 6वीं तिथि है, महीने में दो बार आती है, भगवान मुरुगन (सुब्रह्मण्य) को समर्पित। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और मुरुगन की पूजा करते हैं।
तमिल माह ऐप्पसी में स्कंद षष्ठी सबसे प्रसिद्ध है — छह दिन का उत्सव जो सूरसंहारम में समापन होता है, मुरुगन की सूरपद्मन राक्षस पर विजय का नाटकीय पुनर्प्रदर्शन। थिरुचेंदूर, पलनी, तिरुपरनकुंद्रम के महान मुरुगन मंदिरों में भव्य उत्सव होते हैं।
षष्ठी पर षष्ठी कवचम (मुरुगन का कवच स्तोत्र) का पाठ विशेष रूप से शक्तिशाली माना जाता है। संतान और स्वास्थ्य की कामना करने वाले इस दिन विशेष पूजा करते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
षष्ठी क्या है?
षष्ठी प्रत्येक चंद्र पक्ष की 6वीं तिथि है, महीने में दो बार आती है। यह भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) को समर्पित उपवास का दिन है।
स्कंद षष्ठी क्या है?
स्कंद षष्ठी तमिल माह ऐप्पसि (अक्टूबर-नवंबर) में आने वाली षष्ठी है। यह भगवान मुरुगन की राक्षस सूरपद्मन पर विजय का स्मरण है और 6 दिन के उपवास के साथ मनाई जाती है।
