தமிழ்ப் புத்தாண்டு
तमिल नववर्ष — चित्तिरै मास का पहला दिन, जिसे शुभ फलों की थाली के साथ मनाया जाता है।
तमिल नववर्ष पुथांडु चित्तिरै महीने के पहले दिन (लगभग 14 अप्रैल) पड़ता है, जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है। यह एक नई शुरुआत का प्रतीक है और इसे नवीनीकरण तथा आशा के दिन के रूप में मनाया जाता है।
परिवार सुबह जल्दी उठकर 'कण्णि' देखते हैं — सोना, फल और दर्पण, जिन्हें एक रात पहले शुभ पहली नज़र के लिए सजाकर रखा जाता है। लोग मंदिर जाते हैं और एक ऐसा भोजन साझा करते हैं जिसके स्वाद (मीठा, खट्टा, कड़वा) आने वाले वर्ष के मिले-जुले अनुभवों का प्रतीक हैं।
आगामी त्योहार
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पुथांडु क्या है?
पुथांडु तमिल नववर्ष है। यह तमिल कैलेंडर का पहला दिन है। लोग इसे एक नई शुरुआत के रूप में मनाते हैं।
पुथांडु कब है?
यह चित्तिरै महीने के पहले दिन, लगभग 14 अप्रैल को पड़ता है। इस दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है।
तमिल नववर्ष क्यों मनाया जाता है?
यह एक नई शुरुआत का प्रतीक है। लोग आने वाले वर्ष के अच्छे और सुखी होने की कामना करते हैं। यह नए सिरे से शुरुआत करने का समय है।
पुथांडु कैसे मनाया जाता है?
परिवार सुबह सबसे पहले 'कण्णि' देखते हैं — सोना, फल और दर्पण, जिन्हें एक रात पहले सजाकर रखा जाता है। वे मंदिर जाते हैं और एक विशेष भोजन साझा करते हैं।