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कार्तिगै

கார்த்திகை

चंद्रमा जब कृत्तिका नक्षत्र से गुज़रता है वह दिन, मंदिरों में दीप जलाकर पूजा की जाती है।

कार्तिगै वह दिन है जब चंद्रमा प्रतिमाह कार्तिगै (कृत्तिका) नक्षत्र से गुजरता है। यह भगवान मुरुगन से गहराई से जुड़ा है — पुराणों के अनुसार छह कार्तिगै कन्याओं ने शिशु मुरुगन का पालन-पोषण किया और उन्हें कार्तिकेय नाम दिया।

कार्तिगै की शामों में घरों और मंदिरों में तेल के दीपक (दीपम) की पंक्तियाँ जलाई जाती हैं, अंधकार को दूर करने की परंपरा। जब कार्तिगै नक्षत्र तमिल माह कार्तिगै (नवंबर-दिसंबर) में आता है, तो यह महान कार्तिगै दीपम दीपोत्सव बन जाता है।

शिव मंदिरों में कार्तिगै पर विशेष दीप-आराधना और अभिषेक होता है। तिरुवण्णामलै में कार्तिगै दीपम पर अन्नामलै पहाड़ी पर एक विशाल ज्योति प्रज्वलित की जाती है — विश्व के सबसे बड़े अग्नि उत्सवों में से एक।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कार्त्तिगै क्या है?

कार्त्तिगै वह दिन है जब चंद्रमा कृत्तिका नक्षत्र में होता है, जो भगवान मुरुगन और शिव को पवित्र है। यह महीने में लगभग एक बार आता है।

क्या कार्त्तिगै और कार्त्तिगै दीपम एक ही हैं?

नहीं। कार्त्तिगै दीपम तमिल माह कार्त्तिगै (नवं.–दिसं.) में मनाया जाने वाला वार्षिक दीपोत्सव है। मासिक कार्त्तिगै दिन हर बार चंद्रमा कृत्तिका में आने पर होते हैं।

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