अमावस्या का दिन (चंद्रमा अदृश्य), पूर्वजों को तर्पण से याद करने का पवित्र दिन।
अमावस्या नवचंद्र का दिन है, जब चंद्रमा पूरी तरह अंधेरा होता है, महीने में एक बार। यह तर्पण का सबसे महत्वपूर्ण दिन है — पूर्वजों को जल और काले तिल अर्पित करने का पवित्र कर्तव्य।
हर अमावस्या का अपना नाम है: आडी अमावस्या, थाई अमावस्या और महालय अमावस्या सबसे महत्वपूर्ण हैं। महालय अमावस्या वह दिन है जब सभी पूर्वजों को सामूहिक रूप से तर्पण दिया जाता है।
अमावस्या को नए कार्य शुरू करने के लिए अशुभ माना जाता है, लेकिन पूर्वज पूजा और नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के विशेष अनुष्ठानों के लिए यह अत्यंत शक्तिशाली दिन है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमावस्या क्या है?
अमावस्या वह दिन है जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता। यह महीने में एक बार आती है और पूर्वजों को तर्पण अर्पित करने के लिए पवित्र है।
तर्पण क्या है?
तर्पण पूर्वजों को जल और तिल अर्पित करने का अनुष्ठान है। माना जाता है कि यह दिवंगत आत्माओं को शांति और जीवित परिवार को आशीर्वाद देता है।
