आज के अच्छे गौरी समय
- Dhanam
- 06:44–08:23
- Sugam
- 08:23–10:02
- Uthi
- 11:40–13:19
- Amirdham
- 14:57–16:36
- Laabam
- 18:15–19:53
गौरी पंचांग सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को आठ बराबर खंडों में विभाजित करता है, प्रत्येक खंड पर एक ग्रह का शासन होता है। पाँच शुभ हैं (अमृतम, उत्ति, लाभम, धनम, सुखम) और तीन अशुभ हैं (रोगम, सोरम, विषम)। प्रत्येक वार उस दिन के अपने स्वामी द्वारा शासित खंड से आरंभ होता है।
सभी 8 खंड
सूर्य समय · Vejle 2026
| 2026 | सूर्योदय–सूर्यास्त | गौरी पञ्चाङ्गम् |
|---|---|---|
| जनवरी | 08:41–16:21 | 09:39–10:36 |
| फ़रवरी | 07:46–17:26 | 07:46–08:58 |
| मार्च | 06:37–18:25 | 06:37–08:05 |
| अप्रैल | 06:16–20:27 | 06:16–08:03 |
| मई | 05:10–21:26 | 05:10–07:12 |
| जून | 04:37–22:08 | 04:37–06:48 |
| जुलाई | 04:59–21:57 | 04:59–07:06 |
| अगस्त | 05:54–20:58 | 07:47–09:40 |
| सितंबर | 06:54–19:40 | 08:30–10:06 |
| अक्टूबर | 07:53–18:22 | 09:12–10:30 |
| नवंबर | 07:57–16:16 | 07:57–09:00 |
| दिसंबर | 08:45–15:49 | 09:38–10:31 |
ये समय शहर के लिए सूर्य की स्थिति से गणना किए गए हैं। 55.71°, 9.54° · Europe/Copenhagen
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गौरी पंचांग क्या है?
यह दिन के समय को 8 बराबर खंडों में विभाजित करता है, पाँच शुभ और तीन अशुभ। प्रत्येक वार अपने स्वामी के खंड से आरंभ होता है। अमृतम और लाभम जैसे शुभ खंडों में महत्वपूर्ण कार्य नियोजित किए जाते हैं।
गौरी पंचांग की गणना कैसे होती है?
कुल दिन का प्रकाश (सूर्योदय से सूर्यास्त) 8 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक भाग को एक निश्चित चक्रीय क्रम में एक गौरी नाम दिया जाता है जो वार के अनुसार भिन्न खंड से शुरू होता है।