सामग्री पर जाएँ
தமிழ் பஞ்சாங்கம்
Pramoduta वर्ष · Purattasi माह
शुक्रवार
Purattasi
7
புரட்டாசி பிரமோதூத
21 सितंबर 1810
Copenhagen
அஷ்டமி
सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
18:07
चंद्रोदय
23:07
चंद्रास्त
14:32
पञ्चाङ्गम्
तिथिAshtamiஅஷ்டமிकृष्ण पक्ष
समाप्त 03:53
नक्षत्रThiruvadhiraiதிருவாதிரை
समाप्त 19:27
योगVariyanவரியான்
समाप्त 01:16
करणKaulavaகௌலவம்
समाप्त 03:53
राशिMithunaமிதுனம்
शूलम्Westமேற்குपरिकारम्: Wheat
शुभ समय11:3112:21
बचने का समय
राहु काल10:2311:56
यमगंड 15:0116:34 · कुलिगै 07:1808:50
गौरी पञ्चाङ्गम्
Udayam
05:4507:18
Arogara
07:1808:50
Amirtham
08:5010:23
Visham
10:2311:56
Laabham
11:5613:29
Udvegam
13:2915:01
Shubham
15:0116:34
Rogam
16:3418:07
होरै
Venus
05:4506:47
Mercury
06:4707:49
Moon
07:4908:50
Saturn
08:5009:52
Jupiter
09:5210:54
Mars
10:5411:56
Sun
11:5612:58
Venus
12:5814:00
Mercury
14:0015:01
Moon
15:0116:03
Saturn
16:0317:05
Jupiter
17:0518:07

पंचांग उपकरण

आगामी व्रत दिवस

2026 तमिल कैलेंडर
त्योहार, एकादशी, प्रदोषम, मुहूर्तम तिथियां
आपके शहर का अपना समय
राहु काल, सूर्योदय, जहाँ आप रहते हैं

இன்றைய 12 ராசி நிலை

உங்கள் ராசி பலன் →

சந்திரன்: Mithuna

सितंबर 1810

रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
118
219320421522623724825
92610271128122913301431151
162173184195206217228
239241025112612271328142915
3016
यह समय कैसे गणना किया जाता है?

तमिल पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। यह हर दिन के पाँच मुख्य अंग दिखाता है, तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, साथ ही शुभ समय (नल्ल नेरम), राहु काल, यमगंड, कुलिगै, होरै और गौरी पंचांग जैसे रोज़ के समय भी। यह पृष्ठ दुनिया के किसी भी शहर के लिए आज की पूरी जानकारी एक ही जगह लाता है।

प्रत्येक दिन के पाँच अंग

तिथिதிதி
चंद्र दिन, सूर्य और चंद्रमा के बीच का कोण 30 चरणों में विभाजित। निर्धारित करता है कि कौन से समारोह और गतिविधियाँ शुभ मानी जाती हैं।
वारவாரம்
सप्ताह का दिन और उसका शासक ग्रह: सूर्य (रविवार), चंद्र (सोमवार), मंगल (मंगलवार), बुध (बुधवार), गुरु (गुरुवार), शुक्र (शुक्रवार), शनि (शनिवार)।
नक्षत्रநட்சத்திரம்
27 चंद्र नक्षत्र। चंद्रमा प्रतिदिन एक से गुजरता है। आपका जन्म नक्षत्र ताराबलम निर्धारित करता है, उस दिन की व्यक्तिगत शक्ति।
योगயோகம்
सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त देशांतर 27 भागों में। सिद्ध और अमृत जैसे शुभ योग नए कार्यों के लिए उपयुक्त हैं; व्यतीपात जैसे अशुभ योग टाले जाते हैं।
करणகரணம்
तिथि का आधा भाग, प्रत्येक चंद्र दिन 11 प्रकारों में से दो करणों में विभाजित होता है। वे बताते हैं कि कौन सी अर्धदिन विशेष गतिविधियों के लिए उपयुक्त है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग किसलिए उपयोग होता है?

आज की तिथि और नक्षत्र जानने के लिए, और शुभ कार्यों, व्रतों तथा त्योहारों के लिए अच्छे दिन और समय चुनने के लिए।

क्या ये समय मेरे शहर के लिए सही हैं?

सूर्य के समय (सूर्योदय, राहु काल आदि) आपके शहर के लिए गणना किए जाते हैं। तिथि, नक्षत्र और त्योहार तमिलनाडु (चेन्नई) समय के अनुसार होते हैं, पूरी दुनिया में एक ही दिन।

तिथि और नक्षत्र क्या हैं?

तिथि चंद्र दिवस है; नक्षत्र वह तारा है जिसमें उस दिन चंद्रमा रहता है। दोनों हर दिन बदलते हैं।